आप यहाँ पर हैं

मधुमालती Madhumalti एक औषधीय पौधा

Madhumalti मधुमालती आमतौर पर गर्म, उमस भरे मौसम में जंगली या खेती के रूप में पाया जाता है.यह विशेष रूप से भारत के हर हिस्से और फिलीपींस में तथा एशिया के कई भागों में पाया जाता है. हालांकि मूल रूप से यह एक चीनी और मलेशियाई बेल हैं. यह मुख्यत: अपनी सुंदर फूल और साथ ही अनोखी खुशबू के लिए उगाया जाता है.यह पर्वतारोही बेल सजावटी उद्देश्य के लिए प्रयोग किया जाता है . यह आसानी से उद्यान, पार्क और खुले क्षेत्रों में पाया जा सकता है . शाम के समय इसके फूलों से खुसबू फैलने लगती है. मधुमालती की बेल को अन्य कई नामो से भी जाना जाता है, जो इस प्रकार है.madhumalti

Botanical name: Combretum indicum, Quisqualis indica Linn
Hindi: Madhu Malti or Madhumalti
English: Chinese honeysuckle, Rangoon creeper
Marathi: Vilayati chambeli
Tamil: Irangun malliइसकी फूल और पत्तियों को विभिन्न बीमारियों के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है.

Madhumalti मधुमालती का उपयोग विभिन्न बिमारिओं के उपचार के लिए किया जाता है. जो इस प्रकार हैं.

Madhumalti मधुमालती एक औषधीय पौधा

श्वेत प्रदर (Leucorrhoea)
श्वेत प्रदर (Leucorrhoea) के इलाज के लिए भी मधुमालती का जूस उपयोग में लाया जाता है.

कमजोरी
मधुमालती के पौधे के 3 ग्राम फूल और पत्ते ले. इसे अच्छे से धो कर साफ कर ले. अब इन्हें पिस कर इनका जूस निकाल ले.
इस जूस को दिन में 2 बार खाली पेट ले.

मधुमेह (Diabetes)
Madhumalti मधुमालती के ताजे पत्तों का 4 मिलीलीटर रस निकालें. दिन में दो बार नियमित रूप से सेवन करें. यह रस करेले के रस के साथ मिलाकर भी पिया जा सकता है.

पाचन शक्ति विकार (Digestive disorders)
Madhumalti मधुमालती की पत्तीओं का रस पाचन शक्ति को दुरुस्त करने के लिए भी किया जा सकता है. इसके रस की जगह आप इसकी पत्तीओं को भी चबा सकते हैं.

सर्दी-जुकाम-खांसी (Cold, cough, coryza)
मधुमालती के पौधे के 5 ग्राम फूल और पत्तिया, तुलसी के पत्ते, 2 लौंग, ले. अब इन्हें आधा लीटर पानी में डाल कर काढ़ा तैयार कर ले. इस काढ़े को छान कर रख ले. दिन में 2 या 3 बार एक एक चम्मच पियें.

पेट के कीड़े (Parasitic worms)
अगर आपके पेट में कीड़े है तो मधुमालती के 8 या 10 बीज रात के भोजन से पहले खा ले.इससे पेट के कीड़े ख़तम हो जायेंगे.
बच्चे सिर्फ 4 बीज खाएं.

गुर्दे की सूजन (inflammation of the kidneys)
मधुमालती का फल गुर्दे की सुजन को दूर करने के लिए भी उपयोग में लाया जाता है.

सिर दर्द (headaches)
मधुमालती की पत्तियों का लेप माथे पर लगाने से सिर दर्द ठीक हो जाता है.

दस्त और बुखार (Diarrhea and Fever)
मधुमालती के पके हुए फल को भुन कर खाने से दस्त तथा बुखार ठीक हो जाता है.

इनके आलावा मधुमालती की बेल के और भी बहुत सारे गुण तथा विभिन्न उपयोग हैं. अगर आपको यह लेख पसंद आया हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करना ना भूले .

You May Be Interested

Leave a Reply