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गुडहल की चाय के 8 सबसे अच्छे बेहतरीन फायदे

गुडहल की चाय

गुडहल की चाय (Hibiscus Tea) के 8 सबसे अच्छे बेहतरीन फायदे – दुनिया बहर में चाय के शौकीनों के कमी नहीं है. लेकिन आज जिस चाय की बात कर रहे है. वह हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहतरीन फायदे लिए हुए है. इस चाय में हमारे शरीर के लिए जरूरी सभी पौषक तत्व मौजूद हैं. आजकल बहुत सी चाय बाज़ार में…

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बालों की समस्याओं के लिए 3 अयुर्देदिक तेल (Ayurvedic Hair Oil)

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बालों को काला, लम्बा, घना, और मजबूत बनाने के लिए आज हम आप को ayurvedic hair oil आयुर्वैदिक तेल बनाने का तरीका बतायेंगे. यूँ तो बाजार में अनेक तेल मिलते हैं . और सभी कहते हैं की ये हरवल,आयुर्वैदिक हैं. मगर यह जानना मुस्किल है की बनाने बाले ने उसे किस तरह से बनाया है. बाजार के तेलों पर विश्वास…

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मधुमालती Madhumalti एक औषधीय पौधा

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Madhumalti मधुमालती आमतौर पर गर्म, उमस भरे मौसम में जंगली या खेती के रूप में पाया जाता है.यह विशेष रूप से भारत के हर हिस्से और फिलीपींस में तथा एशिया के कई भागों में पाया जाता है. हालांकि मूल रूप से यह एक चीनी और मलेशियाई बेल हैं. यह मुख्यत: अपनी सुंदर फूल और साथ ही अनोखी खुशबू के लिए…

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हरसिंगार (Nyctanthes Arbor-Tristis) मन को ही नहीं तन को भी शक्ति देता है ये पवित्र पौधा

हरसिंगार (Nyctanthes Arbor-Tristis) मन को ही नहीं तन को भी शक्ति देता है ये पवित्र पौधा

हरसिंगार का वृक्ष भी मध्यम आकार का होता है. ये दस से बीस फीट तक ऊँचे होते हैं. इसके फूल अत्यंत सुंदर खुशबूदार व कोमल होते हैं. इसके बीज गोल होते हैं. जिनकी आकृती चपटी होती है. फूल इतने कोमल होते हैं की हवा से फूलों की चादर सी बिछ जाती है. इसके फूलों का डंठल पीला और फूल सफेद…

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मौलसिरी (Maulasiree) परिचय गुण तथा आयुर्वेदिक उपयोग

मौलसिरी (Maulasiree) परिचय गुण तथा आयुर्वेदिक उपयोग

मौलसिरी (Maulasiree) प्राय देश के हर भाग में पाया जाता है. सामान्यतया: इसे बागों में देखा जाता है. इसके पेड़ तीस से चालीस फिट ऊँचे होते हैं. पत्ते सगं व चिकने होते हैं. इनकी संरचना देखने में झोपडी के आकर की होती है. इस पेड़ पर पतझड़ का असर न के बराबर होता है. इसका वृक्ष हमेशा हर भरा रहता…

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देवदार (Cedar) परिचय गुण तथा आयुर्वेदिक उपयोग

देवदार

देवदार (Cedar) का वृक्ष काफी ऊँचा और सीधा होता है. इसकी ऊँचाई साठ से सत्तर फीट की होती है. इसकी आयु सौ से दो सौ वर्ष की मणी जाती है. यह जितना पुराना होता जाता है. इसकी लकड़ी उतनी ही मजबूत होती जाती है. तकरीबन चालीस से पचास वर्ष के बाद इस पर फल लगते हैं. इसकी लकड़ी हल्की और…

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करंज (Millettia Pinnata) परिचय गुण तथा आयुर्वेदिक उपयोग

करंज

करंज (Millettia Pinnata) विशाल ,अनेक सखाओं से युक्त छाया दार पेड़ है. इसकी ऊँचाई और चौडाई दोनों ही खूब होती हैं. इसके कारण ये घनी छाया देते हैं. ये अक्सर नदी, तालाबों के किनारे देखने को मिलते है. ये मुख्यरूप से आंद्र भूमी पर पाए जाते हैं. इस पर कांटे बहुत होते हैं. इनके बीजों का आवरण कौड़ी के समान…

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थुहर (Milk Hedge) परिचय गुण तथा आयुर्वेदिक उपयोग

थुहर

थुहर (Milk Hedge) सामान्य ऊँचाई का पौधा होता है. इस पर छोटे-छोटे कांटे होते हैं. इसकी टहनियां और पत्तों से दूध सा निकलता है. जो लसीला होता है. इसका रंग सफेद होता है. थूहर (Milk Hedge) की अनेक प्रजातियाँ होती हैं. अंगुलिया, नागफनी, डंडा, चौधर, तिधार, आदि. तिधारे थूहर (Milk Hedge) के तीन सखाएं और चौधारे थूहर के चार शाखाएं…

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कचनार (Bauhinia) परिचय गुण तथा आयुर्वेदिक उपयोग

कचनार

कचनार (Bauhinia)  का पेड़ भारत के लगभग सभी प्रदेशों में पाया जाता है. पुष्प भेद के अनुसार कचनार की तीन  जातियां होती हैं. (1) श्वेत पुष्प (सफेद)  (2) ताम्र पुष्प(लाल)  (3) पीत पुष्प(पीला). इसका पेड़ काफी ऊँचा होता है. डालियाँ मोटी और कमजोर होती हैं. पत्ते गंभीर रूप से चिडे होते हैं. मानो दो पत्रों को जोड़ कर बनाये हों….

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कदम्ब (Burflower) परिचय गुण तथा इसके आयुर्वेदिक उपयोग

कदम्ब

सभी जगहों पर उगने बाला कदम्ब (Burflower) पेड़ काफी लम्बा होता है. लम्बाई के अनुपात में चौड़ाई कम होती है. इसके पत्ते पतले और गोल होते हैं. इसके फल नीबू के समान होते हैं. इसे अधिकांश जगहों पर कदम्ब ही कहा जाता है. कहीं-कहीं इसे कलंब, कंडवा, काउड, भी कहते हैं. कदंब की कई प्रजातियाँ पाई जाती हैं. जिनमें राजकदंब,…

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चम्पा (Plumeria) परिचय गुण तथा इसके आयुर्वेदिक उपयोग

चम्पा

चम्पा (Plumeria) के पेड़ों को बाग़ बगीचों में ज्यादा देखा जाता है इसके फलों की खूबसूरती के कारण लोग इसे घरों के आगे या बगीचों में जरूर लगते हैं. इसके पत्ते लम्बे पीले और कोमल होते हैं. इसके फूलों का रंग भी पीला होता है. मलबा देश में इसकी पैदाबार बहुत होती है और वहाँ इसके फूलों का रंग सफ़ेद…

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भांग (Hemp) का परिचय गुण तथा इसके आयुर्वेदिक उपयोग

भांग

भांग (Hemp) का पौधा अपने आप ही उग आता है. वैसे इसकी खेती पंजाब, विहार, उत्तर प्रदेश, हरिद्दार, नैनीताल में की जाती है. इसे लता जाती का पौधा मन जाता है. इसकी लम्बाई तीन फिट से सात फिट तक होती है. इसके फूल सेम की तरह होते हैं. भांग (Hemp) का पौधा नर व मादा दो प्रकार का होता है….

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महुआ (Mahua) परिचय गुण तथा इसके आयुर्वेदिक उपयोग

महुआ

महुआ (Mahua) भारत के कई प्रांतों में पाया जाता है. महुआ (Mahua) का वृक्ष काफी लम्बा चौड़ा होता है. गुजरात में ये बहुत ज्यादा होता है. इसके पत्ते बादाम के पत्तों की तरह होते हैं. पत्तों के मोटे और चौड़े होने के कारण इन की पत्तल बनाई जाती हैं. महुआ (Mahua) की लकड़ी बहुत ही मजबूत होती है. इस कारण…

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गुस्सा (Anger) कम करने के आसान उपाय

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कभी न कभी गुस्सा  Anger  हर किसी को आता है. शायद ही कोई ऐसा हो जिसे गुस्सा  Anger न आता हो लेकिन किसी किसी को बहुत ही ज्यादा गुस्सा  Anger आता है. जो हानीकारक होता है गुस्सा  Anger करने वाले के लिए भी और दूसरों के लिए भी कुछ लोग तो गुस्से में ये भूल ही जाते हैं. की हम…

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केला (Banana) के आयुर्वेदिक व औष्धिय उपयोग

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केला (Banana) वृक्ष फलों के वर्ग में अपना विशेष स्थान रखता है. यह सभी प्रकार की जमीन पर उग जाता है. इसे उगाने के लिए केले (Banana) के पौधे के कंद  का प्रयोग किया जाता है. इसकी लगभग 18-20 परजतियाँ हमारे देश में पाई जाती है. वैसे अलग अलग तरह के केलो (Banana) का अलग अलग प्रयोग होता है. केले…

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कटहल (Jackfruit) के आयुर्वेदिक व् औष्धिय गुण

jackfruit

कटहल (Jackfruit) लगभग सभी जगहों पर पाया जाता है. इसका पेड़ बहुत बड़ा होता है. चौड़ाई के अपेक्षा इसकी लम्बाई ज्यादा होती है.इसक फल को सब्जी के लिए प्रयोग किया जाता है. कही कही लोग इसके पके फल को भी प्रयोग करते है. इसका पका हुआ फल अत्यंत मीठा होता है. कहा जाता है की काफी समय पहले राक्षशो ने…

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एरण्ड (Castor) के आयुर्वेदिक व औष्धिय उपयोग

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ईश्वर ने हमारी जरुरतो के अनुसार इस भूमि पर अनेक वनस्पतियों का निर्माण किया है परन्तु काल चक्र का ये एक अनोखा अंदाज़ ही खा जा सकता है कि व्यक्ति अपने पास की वस्तुओं की अपेक्षा दूर की वस्तुओं को ज्यादा महत्व देता है. यही कारण है कि हम देसी एरण्ड (Castor) जो कि आँखों को तेज रोशनी देने वाला…

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पीपल वृक्ष (Sacred Fig) के आयुर्वेदिक व औष्धिय उपयोग

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पीपल के वृक्ष (Sacred Fig) की जन्मभूमि हिंदुस्तान है. दुनियाभर में इस वृक्ष के गुण और विशेषताएं तो पहुँच गई लेकिन ये होता सिर्फ भारत में ही है. सामान्य रूप से यह वृक्ष हिंदुस्तान के हर भाग में समान रूप से पाया जाता है. इसकी उंचाई काफी अधिक होती है और यह एक चौड़े भूभाग पर फैला होता है. अपने…

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केवड़ा (Pandanus Fascicularis) खुशबू ही नहीं गुणों का भी धनी

उड़ीसा में केवड़े को ‘‘फूलों का राजा’’ माना जाता है और ‘‘किया’’ नाम से जाना जाता है. केवड़ा सुगंधित फूलों वाले वृक्षों की एक प्रजाति है. जो घने जंगलों में उगती है. केवड़ा को वनस्पति विज्ञान में पेन्डोनस आडोर्फि (Pandanus fascicularis) कहते हैं. केवड़ा के वृक्ष गंगा नदी के सुन्दरवन डेल्टा में बहुतायत से पाए जाते हैं. केवड़ा (Pandanus Fascicularis) अठारह…

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गेंदा का फूल (Marigold) के आयुर्वेदिक और औष्धिय उपयोग

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Marigold (Genda) गेंदा एक खूबसूरत फूल होता है . और इसकी खुशबू भी मधुर होती है. ये हम सभी जानते हैं. इसे मैरीगोल्ड भी कहते हैं. कोई भी पूजा हो या त्योहार सबसे ज्यादा Marigold (Genda) गेंदे के फूल ही इस्तेमाल होते हैं. और ये भगवान को सबसे ज्यादा प्रिय होते हैं . इसकी खूबसूरती हमारा मन मोह लेती है…

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