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शुक्राणुवर्धक वीर्यवर्धक शक्तिवर्धक चमत्कारी जड़ी

मुसली वीर्यवर्धक (Semen Enhancer), शुक्राणुवर्धक (Sperm Enhancer) और सम्भोग शक्तिवर्धक (Tonic) जड़ी बूटी है. मुसली दो प्रकार की होती है. 1. सफेद मुसली 2. काली मुसली. लेटिन भाषा में सफेद मुसली को अस्पेरेगस अडस्केंडेस (Asparagus Adscendens) कहा जाता है. और काली मुसली को क्रकुलिग़ ओर्किआयडिश (Curculig Orchioides) कहा जाता है.

मुसली के गुण कर्म – गुरु, स्निग्ध, रस में मधुर, तिक्त, ऊष्ण वीर्य है. यह मधु स्निग्ध होने के कारण वातपित शामक व कफ वर्धक है. यह शुक्रल, शुक्राणु बढ़ाने वाली (Sperm Enhancer)  तथा मूत्रल है.  यह यौनशक्ति बढाती है. वीर्य को गाढ़ा (Thick Semen) करती है. तथा शुक्राणु में वृद्धि करती है. यह एक सर्वोतम बाजीकर्ण बूटी (Herb) है. इसका प्रयोग अन्य बूटियों के साथ किया जाता है.शुक्राणुवर्धक वीर्यवर्धक शक्तिवर्धक

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प्रयोग किये जाने वाले भाग – इसकी जड़ का प्रयोग किया जाता है. चूर्ण बनाने के लिए 3-6 ग्राम, पाक में 2 चम्मच.

विशिष्ट योग – मुसली पाक, मुश्ल्यादी योग. औष्धिय रूप में दोनों ही मुसली का इस्तेमाल उतम माना गया है.

शुक्राणुवर्धक वीर्यवर्धक शक्तिवर्धक चमत्कारी जड़ी

प्रयोग #1

वीर्य पुष्टकर योग (Thick Semen) – गोखरू, आमला, सफेद मुसली, काली मुसली, क्रोंच के शुद्ध बीज, गिलोय सत्व. इन सभी 6 बूटियों को मिलाकर. बारीक चूर्ण बनाकर कपडे से छान लीजिये. अब इस में बराबर मात्रा में मिश्री मिला ले.

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मात्रा व प्रयोग – 2-4 ग्राम हर रोज सुबह शाम दूध या पानी के साथ सेवन करने से वीर्य पुष्ट होता है. यह चूर्ण स्वप्नदोष तथा शीघ्रपतन में अत्यंत लाभकारी है.

प्रयोग #2

मुस्ल्यादी चूर्ण – सफेद मुसली, काली मुसली, उंटगन, गोखरू, गिलोय सत्व, कोंच के शुद्ध बीज, सेमल गूदा, आंवला शक्कर. ये सभी औष्धियां बराबर मात्रा में मिलाकर चूर्ण बना लें. तथा कपडे से छान ले.

मात्रा व प्रयोग – हर रोज सुबह शाम 2-2 चमच्च गाय के दूध के साथ सेवन करें. इससे वीर्य गाढ़ा (Thick Semen) होगा, बढेगा, शुक्राणु बढ़ेंगे (Sperm Enhancer) व गतिशील होंगे. यह योग शीघ्रपतन (Premature Ejaculation) व नपुंसकता नाशक (Impotence Destructor) है.

प्रयोग #3

सम्भोग शक्तिवर्धक रतिबल्ल्भ चूर्ण – सफेद मुसली, काली मुसली, गुठली निकालकर छुआरे (40-40 ग्राम), शंकाकुल मिश्री 80 ग्राम, बहमन स्वेत, बहमन सुर्ख, सालम मिश्री, दालचीनी, गोखरू, गांज्वा (20-20 ग्राम), छोटी इलायची के बीज 10 ग्राम, मिश्री 300 ग्राम. इन सभी को मिलाकर पीसकर चूर्ण बना ले.

मात्रा व प्रयोग – 10 ग्राम की मात्रा में दिन में दो बार दूध के साथ सेवन करें. इससे वीर्य गाढ़ा (Thick Semen) होगा, शुक्राणु की मात्रा बढ़ेगी (Sperm Enhancer), गतिशीलता बढ़ेगी तथा स्तम्भन शक्ति बढ़ेगी.

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