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मधुमेह (Diabetes) नाशक चूर्ण बनाने की विधि

आजकल मधुमेह (Diabetes) एक घातक बिमारी बन चुकी है. दस में लगभग पांच व्यक्तियों को ये बिमारी देखने को मिलती है. यह एक जानलेवा बिमारी है. अगर इसका समय पर इलाज नहीं किया जाए तो रोगी की जान भी जा सकती है. हमारी गलत दैनिक दिनचर्या की वजह से ये बिमारी फैलती ही जा रही है.

आज हम आपके लिए एक ऐसा चूर्ण लेकर आये है. जिसके प्रयोग इसे आप इस बिमारी का समूल नाश कर सकते है. तो आइये जानते है इस शूगर (Diabetes) नाशक चूर्ण के बारे में.मधुमेह (Diabetes) नाशक चूर्ण

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मधुमेह (Diabetes) नाशक चूर्ण बनाने की विधि

शूगर (Diabetes) नाशक चूर्ण बनाने की विधि – गुड़मार 8 तोला, बिनोले की मींगी 4 तोला, जामुन के गुठली की मींगी 4 तोला. सूखे बिल्व पत्र 6 तोला तथा सूखे निम्ब पत्र 2 तोला. इन सब को कूटकर पीसकर चूर्ण को कपड़े से छान लें. अब इसे एक कांच की शीशी में भर कर रख लें.

शूगर (Diabetes) नाशक चूर्ण सेवन की मात्रा – 2 से 3 Gram दिन में दो बार जल के साथ सेवन करें.

शूगर (Diabetes) नाशक चूर्ण के उपयोग – इसके सेवन से मधुमेह रोग के कारण उतपन्न होती रहने वाली शर्करा पर अतिशीघ्र काबू हो जाता है. इसके आलावा यह अगन्यासय और यकृत के विकारों को दूर कर मधुमेह का नाश भी करती है.

यदि वसन्त कुसुमाकर रस के सह पान के रूप से इस चूर्ण का प्रयोग किया जाय तो मधुमेह रोग में निश्चित रूप से लाभ होने की आशा है.

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