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प्रसवोत्तर मालिश से होने वाले अदभुत फायदे 

बच्चे के जन्म के बाद माँ के पूरे शरीर की रोजाना चालीस दिनों तक मालिश की जाती है. इसे ही प्रसवोत्तर मालिश (Postpartum Massage) कहा जाता है. लेकिन आजकल ऐसा नही किया जाता है. क्योंकि लोगों को इसके फायदों के बारे में पता नहीं है.

हमारे आसपास बहुत सी ऐसी मालिशवाली हैं जो प्रसव के बाद की मालिश और नवजात शिशु की मालिश में पारंगत होती हैं. प्रसवोपरांत वे हर रोज शुरु के दोनों दिनों में एक बार आपके घर मालिश करने के लिए आती हैं. वे पहले पैरों से मालिश करना शुरु करती हैं. फिर शरीर के ऊपरी हिस्सों की ओर जाते हुए सिर की मालिश से समाप्त करती हैं.प्रसवोत्तर मालिश से होने वाले अदभुत फायदे

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प्रसवोत्तर मालिश (Postpartum Massage) माँ को आराम पहुंचाने की एक पुरानी परंपरा है. यह मालिश माँ के लिए काफी आरामदायक होती है. आपके घर में इस मालिश के समय शिशु की दादी नानी शिशु की देखरेख कर सके तब आप चिंतामुक्त हो कर मालिस करवा सकती हैं. तो चलिए जानते है प्रसवोत्तर मालिश (Postpartum Massage) के अदभुत फायदे.

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प्रसवोत्तर मालिश (Postpartum Massage) के फायदे

  1. शरीर में जिन जगहों पर दर्द है वहां मालिश से आराम मिलता है. साथ हीमांसपेशियों का कसाव भी कम होता है.
  2. अगर आप ठीक से शिशु को स्तनपान नहीं करवा पाती हैं तो आपकी पीठ में ऊपर की तरफ भी दर्द हो सकता है. प्रसवोत्तर की मालिश (Postpartum Massage) आपके लिए काफी लाभदायक है.
  3. मालिश से मांसपेशियों में रक्त और आक्सीजन का प्रवाह बढ़ता है.इस प्रकार विषैले तत्व माँ के शरीर से बाहर निकलते हैं.
  4. मालिश आपके शरीर कोएंडोर्फिन बनाने के लिए प्रोत्साहित करती है. यह प्राकृतिक दर्द निवारक और अच्छा महसूस कराने वाला हॉर्मोन है. जो दिमाग से निकलता है. जिससे आप काफी आराम महसूस कर सकती है.
  5. अगर आपका सीजेरियन आपरेशन हुआ हैतो भी ये मालिश आपको जल्दी ठीक होने में मदद करती है. ध्यान रहे जब तक घाव पूरी तरह भर नहीं जाता है तब तक इस पर मालिश न कराएं.
  6. आपके शरीर की मालिश शरीर को आक्सीटॉसिनजारी करने में भी आपकी मदद करती है. ये आक्सीटॉसिन लेट डाउन रिफ्लेक्स को सक्रिय करता है. जिससे आपके स्तनों से दूध निकलता है. इसका मतलब आपको समझ आ गया होगा कि मालिश के दौरान आपके स्तन से दूध का थोड़ा रिसाव हो सकता है. इसलिए ब्रेस्टपैड लगाकर अपनी स्तनपान वाली विशेष ब्रा पहने रखें.
  7. स्तनों की मालिश से अवरुद्ध नलिकाओं को खुलने और गांठों या कठोर जगहों के ढीला होने में भी मदद मिलती है. साथ ही यह स्तनों की सूजन (मैस्टाइटिस) के खतरे को भी कम करता है.
  8. मालिश आपके तनाव को दूर करने और मनोदशा को बेहतर करने का उत्कृष्ट तरीका है.
  9. प्रसवोत्तर मालिश आपको कुछ समय अकेला रहने का अवसर तो देगा. यह अंतराल आपको आपको तनाव मुक्त होकर सोने में मदद करेगी. ताकि आप भी अपने शिशु के साथ थोड़ी झपकी ले सकें.

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