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पेशाब में जलन होना के घरेलू आसान उपाय

पेशाब में जलन होना आम समस्‍या है कभी कभी जोर लगाने पर पेशाब होती है और कभी कभी पेशाब में भारी जलन होती है ज्यादा जोर लगाने पर थोड़ी थोड़ी मात्रा में पेशाब होती है. इस व्याधि को आयुर्वेद में मूत्र कृच्छ कहा जाता है. लेकिन बहुत से लोग इसे नजर अंदाज कर जाते हैं. कभी कभी यह कुछ समय के लिये ही होती है और कभी यह महीनो तक चलती है यह बीमारी महिलाओं और पुरुष दोनों को ही होती है.

इस समस्‍या के कई कारण हो सकते हैं जैसे, मूत्र पथ संक्रमण, किडनी में स्‍टोन या डीहाइड्रेशन आदि.आइये जानते हैं कि पेशाब में जलन (Dysuria) को किस तरह से घरेलू उपचार से ठीक किया जा सकता है चूँकि बहुत से लोगो को पता ही नही होता है इसलिए कुछ भी नहीं करते.पेशाब में जलन

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पेशाब में जलन (Dysuria) के घरेलू उपचार

  1. सबसे पहले तो खूब सारा पानी पिये नहीं तो शरीर में पानी की कमी हो जाएगी और पेशाब पीले रंग की दिखाई पड़ने लगेगी भले ही दिन में कुछ घंटो के भीतर 3 गिलास पानी पिये फिर भी अगर पेशाब करने के बाद अधिक देर तक पेशाब में जलन (Dysuria) हो तो आपका मूत्र पथ संक्रमण है.
  2. खट्टे फल यानी की सिट्रस फ्रूट खाइये क्‍योकि इसमें सिट्रस एसिड होता है जो कि मूत्र संक्रमण पैदा करने वाले बैक्‍टीरिया को मारता है.
  3. आमला का रस भीDysuria (पेशाब की जलन) को ठीक करने में सहायक है या इलायची और आंवले का चूर्ण समान भाग में मिलाकर पानी से पीने पर मूत्र की जलन ठीक होती है.
  4. नारियल का पानी डीहाइड्रेशन तथा पेशाब की जलन को ठीक करता है यदि आप चाहें तो नारिल पानी में गुड और धनिया पाउडर भी मिला कर पी सकते हैं.
  5. पलास के फूल सूखे या हरे पानी के साथ पीसकर थोड़ा सा कलमी शोरा मिलाकर नाभि के नीचे पेडू पर लगाने से 15 मिनट में पेशाब खुलकर आने लगता है.
  6. आधा गिलास चावल के माण्ड में चीनी मिलाकर पिलायें इससे भी पेशाब की जलन (Dysuria) दूर होगी.
  7. अनार का शर्बत नित्य दिन में दो बार पियें ये भीDysuria दूर करता है गर्मी के मौसम में मिलने वाला फालसा पेशाब की जलन को दूर करता है.
  8. पाँच बादाम की गिरी भिगोकर छीलकर इसमें सात छोटी इलाइची स्वादानुसार मिश्री मिलाकर फिर इसे पीसकर एक गिलास पानी में घोलकर पियें.
  9. संभोग करते वक्‍त प्रोटेक्‍शन बरते क्‍योंकि योनि में सूखापन आ जाने की वजह से पेशाब में जलन होने लगती है यदि आप लुब्रिकेंट का प्रयोग कर रहे हैं तो वाटर बेस वाले लुब्रिकेंट का प्रयोग करें ना कि रसायन युक्‍त लुब्रिकेंट का प्रयोग करें.
  10. एक पानी के गिलास में 1 चम्‍मच धनिया पाउडर मिला कर रातभर के लिये भिगो दें और सुबह उसे छान लें और उसमें चीनी या फिर गुड मिला कर पी लें.
  11. अपने जननांग की स्वच्छता बनाए रखें.कई बार.योनि या लिंग में संक्रमण होने की वजह से भी मूत्र मार्ग को प्रभावित होता हैं यदि आपको यह समस्‍या हो चुकी है तो अब से कुछ सावधानियां बरते जैसे. दिन में 3 बार जननांग को धोएं.
  12. यदि आपको किडनी स्‍टोन है तो पेशाब में जलन भी होगी इसके लिये आपको बीयर पीनी चाहिये जिससे कि किडनी का स्‍टोन गल सके.लेकिन सुबह बीयर पीने से डीहाइड्रेशन हो सकता है इसलिये इसे नारियल पानी के साथ मिला कर पीजिये.
  13. ताजे मक्के के भुट्टे पानी मेंं उबालकर उस पानी को छानकर मिश्री मिलाकर पीने से पेशाब की जलन (Dysuria) में लाभ होता है.
  14. पेशाब की जलन में कच्चे दूध में पानी मिलाकर रोज पिएं इससे भी लाभ होगा.ठंडे पानी या बर्फ के पानी में कपड़ा भिगोकर नाभि के नीचे रखें इससे भीDysuria में काफी लाभ होगा.
  15. कलमी शोरा व बड़ी इलायची के दाने महीन पीसकर दोनों चूर्ण समान मात्रा में लाकर मिलाकर शीशी में भर लें.उसके बाद एक भाग दूध व एक भाग ठंडा पानी मिलाकर फेंट लें. इसकी मात्रा 300 एमएल होनी चाहिए अब एक चम्मच चूर्ण फांककर यह फेंटा हुआ दूध पी लें.यह पहली खुराक हुई.दूसरी खुराक दोपहर में व तीसरी खुराक शाम को लें.बस दो दिन तक यह प्रयोग करने से पेशाब की जलन दूर होती है व मुँह के छाले व पित्त सुधरता है.शीतकाल में दूध में कुनकुना पानी मिलाएँ.
  16. ककड़ी गुणों का भंडार है.यह शीतल व पाचक है ककड़ी खाने से पेशाब खुलकर लगती है ककड़ी के बीजों में स्टार्च, तेल, शर्करा और राल पाए जाते है.ककड़ी में क्षारीय तत्व भी पाए जाते है जो मूत्र संस्थान की कार्यप्रणाली के सुचारु रूप से संचालन में सहायक हैं तथा ककड़ी पेशाब की जलन को दूर करने में सहायक है.बदहजमी की स्थिति में ककड़ी के 8 से 10 बीजों का मट्ठे के साथ सेवन करने से राहत मिलती है लेकिन ककड़ी खाने केबाद 20 मिनट तक पानी न पिएं.
  17. तीन आँवलों का रस पानी में मिलाकर सुबह.शाम चार दिन पीने से बार.बार पेशाब जाना बंद हो जाता है.
  18. एक केला खाकर आँवले के रस में शक्कर मिलाकर पिएं इससे भी आपकोDysuria लाभ होगा यदि आंवला न हो तो भी अकेला केला खाने से भी लाभ होता है.
  19. सेब खाने से रात को बार.बार पेशाब जाना बंद हो जाता है.
  20. जो बूढ़े आदमी बार.बार पेशाब जाते हों तो नित्य छुआरे खिलायें.रात को छुआरे खाकर दूध पिएं.
  21. रात को बार.बार पेशाब जाना शाम को पालक की सब्जी खाने से कम हो जाता है.
  22. एक छटाँक भुने हुए सिके चने खाकर ऊपर से थोड़ा सा गुड खायें .दस दिन लगातार खाने से बहुमूत्रता कम हो जाती है.वृद्धों को अधिक दिन तक यह सेवन करना चाहिए.
  23. 250 ग्राम गाजर का रस नित्य तीन बार पिएं.पेशाब का रंग पीला हो तो शहतूत के रस में शक्कर मिलाकर पीने से रंग साफ हो जाता है.
  24. गुर्दे की खराबी से यदि पेशाब बनना बंद हो जाए तो मूली का रस दो औंस प्रति मात्रा पीने से वह फिर बनने लगता है.
  25. नींबू के बीजों को पीसकर नाभि पर रखकर ठण्डा पानी डालें.रुका हुआ पेशाब होने लगता है.
  26. जीरा और चीनी इन दोनों को समान मात्रा में पीसकर दो चम्मच फंकी लेने से लाभ होता है.
  27. केले के तने का रस चार चम्मच+ घी दो चम्मच मिलाकर नित्य दो बार पिलाने से पेशाब खुलकर आता है.
  28. यदि बार.बार और अधिक मात्रा में पेशाब आए, प्यास लगे तो आठ ग्राम पिसी हुई हल्दी नित्य दो बार पानी से फंकी लें.लाभ होगा.
  29. एक कप तेज गर्म पानी में से आधा कप पानी अलग लेकर इसमें गुलाबी रंग के सदाबहार के तीन फूल पाँच मिनट तक पड़े रहने दें.पाँच मिनट बाद फूल निकाल कर फेंक दें और पानी नित्य सात दिन पिएं और आधा कप गरम पानी और पिएं इससे लाभ होगा.
  30. जामुन की गुठली का चूर्ण आधा चम्मच शाम को पानी के साथ लेने से पेशाब में शर्करा आना ठीक हो जाता है जामुन की गुठली और करेले सुखाकर समान मात्रा में मिलाकर चूर्ण बना लें और एक चम्मच सुबह शाम पानी से फंकी लें.
  31. 15 ग्राम करेले का रस+100 ग्राम पानी में करीब 3 महीने पिलाना चाहिए या छाया में सुखाए हुए करेलों का चूर्ण 6 ग्राम दिन में एक बार लेने से मूत्र में शर्करा आना बंद हो जाती है.
  32. भिन्डी के उपर की डॉड काट लें.इन डॉडों को छाया में सुखाकर कूटकर मैदा की छलनी से छान लें इसमें समान मात्रा में मिश्री मिलाकर आधा चम्मच भूखे पेट ठंडे पानी से रोज लें महुमेह में लाभ होगा.

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