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गर्भधारण नहीं हो रहा तो ये पोस्ट आपके लिए है

बिना मां बने कोई भी औरत कभी सम्पूर्ण नहीं होती है. कई बार कुछ महिलाएं बरसक कोशिशों के बाद भी गर्भधारण (Pregnancies) नहीं कर पाती है. माँ बनने के लिए वे हर तरह की कोशिश करती है. लेकिन ज्यादातर केसों में निराशा ही हाथ लगती है.

गर्भधारण (Pregnancies) न होने के बहुत से कारण हो सकते है. तनाव, साथी का हेल्थ, किसी तरह की प्रीकॉउशन, दवाई या फिर कोई कमी भी हो सकती है. इसलिए यह जरूरी है कि अगर बार बार कोशिश करने के बाद भी अगर आप Pregnant न हो तो किसी चिकित्सक की सलाह लें.

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सबसे पहले यह जानना बहुत जरूरी है कि आपसे गलती कहां हो रही है. जिससे कि आप उसे सुधार सकें. वैसे तो कई बार यह समस्या विटामिन की कमी के कारण से भी हो जाती है. गर्भधारण (Pregnancies) की संभावना को बढ़ाने के लिए जरूरी है कि पुरुष हेल्थी हो. पुरुषों में आवयस्क विटामिन की कमी से स्पर्म (शुक्राणु) की क्वालिटी और संख्या प्रभावित होती है. जिसकी वजह से गर्भधारण भी प्रभावित होता है. साथ ही कुछ विटामिन की कमी से पुरुषों में कामवासना और परफार्मेंस में कमी आ जाती है. अंत में जो Pregnancies को प्रभावित करता है.

गर्भधारण

पुरुषों में फर्टिलिटी (Fertility) के लिए विटामिन बहुत जरूरी होते हैं. तनाव के कारण भी पुरुषों की फर्टिलिटी में कमी आ रही है. आहार में अगर विटामिन नहीं है तो कई बीमारियां होती है. जिससे स्पर्म (Sperm) की गुणवत्ता और मात्रा दोनों ही प्रभावित होती है. 90 प्रतिशत मामलों में पुरुषों में इंफर्टिलिटी स्पर्म की कम संख्या तथा खराब गुणवत्ता या दोनों के कारण होती है. बाकी बचे मामलों में एनाटामिकल प्रॉब्लम, हार्मोनल इंबैलेंस और जेनेटिक डिफेक्ट के कारण पुरुषों में इंफर्टिलिटी आती है.

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गर्भधारण (Pregnancy) के लिए क्या करे और क्या न करे

  1. शुक्राणु (Sperm) ठंडे वातावरण में अच्छी तरह विकसित होते हैं. वे पुरुष जो कंप्यूटर को गोद में लेकर बैठते हैं. उनकी प्रजनन क्षमता (Fertility) का स्तर घट जाता है. पुरुषों को बहुत देर तक गर्म पानी से स्नान भी टालना चाहिए. ठंडे पानी से नहाने से शुक्राणु का उत्पादन (Sperm Production) 5 गुना बढ़ जाता है. इसके अलावा कसे हुए पेंट के स्थान पर बड़े जांघिया पहनें.
  2. महिलाओं की प्रजनन क्षमता पर तनाव का बहुत अधिक प्रभाव पड़ताहै. इससे पुरुषों में भी शुक्राणुओं का उत्पादन कम होता है. कामेच्छा कम हो सकती है. इसलिए जहाँ तक हो सके तनाव से दूर रहे.
  3. जो महिलाएं जो दिन में एक बार पूर्ण वसा युक्त आहार लेती हैं. उनमें बांझपन का खतरा एक चौथाई तक घट जाता है. दूध से बने उत्पाद अंडाशयों को अच्छी तरह से कार्य करने में सहायक होते हैं.
  4. सूर्य की रोशनी सेस्त्री और पुरुष दोनों में विटामिन डी का स्तर बढ़ता है. जिससे प्रजनन क्षमता बढ़ती है. विटामिन डी महिलाओं के सेक्स हार्मोन प्रोजेस्ट्रोन और एस्ट्रोजन के स्तर को बढ़ाता है. जो मासिक धर्म को नियमित करता है. गर्भधारण की संभावना को बढ़ाता है. यह शुक्राणुओं की संख्या को भी बढ़ाता है. विटामिन डी आपको ए सी कमरों के बाहर उपलब्ध होता है. क्युकि सूर्य की रोशनी में विटामिन डी पाया जाता है.
  5. धूम्रपान करने वाले पुरुषों के नपुंसक होने की संभावना 50% अधिक होती है. उनमें शुक्राणुओं की संख्या भी कम होती है. धूम्रपान करने वाली महिलाओं की प्रजनन क्षमता धूम्रपान न करने वाली महिलाओं की तुलना में 30% तक कम होती है. धूम्रपान के कारण गर्भाशय में भ्रूण का आरोपण रुक सकता है. स्‍मोकिंग से ब्‍लड सर्कुलेशन धीमा पड़ जाता है.इसलिये स्‍मोकिंग करना छोड़ दीजिये जिससे शरीर में अच्‍छी प्रकार से ब्‍लड सर्कूलेट होना शुरु हो सके और आप नपुंसक होने से बच जाए.
  6. वे युगल जो सप्ताह में एक बार से लेकर तीन से चारबार तक यौन संबंध रखते हैं. उनमें गर्भाधान की संभावना 15% से 50% तक बढ़ जाती है. सेक्स शुक्राणुओं को स्वस्थ रखता है. यदि यह शरीर में तीन दिन से अधिक रहता है तो इसकी गुणवत्ता गिर जाती है.
  1. बच्चा (baby) प्राप्त करने के लिए आपकोमहीने में उस समय सेक्स करना चाहिए जब प्रजनन समय उपयुक्त होता है औसतन 28 दिन के चक्र में यह 10 वें दिन से 17 वें दिन के बीच होता है.
  2. शरीर का वसा एस्ट्रोजन का उत्पादन करता है जो शरीर के अण्डोत्सर्ग के चक्र को भ्रमित कर सकता है. कम वज़न वाली महिलाओं की तुलना में अधिक वज़न वाली महिलाओं का मासिक धर्म अनियमित होता है. केवल 5% तक वज़न कम करने सेगर्भधारण की संभावना पांच गुना बढ़ जाती है.
  3. कम वजन होने के कारण भीआपके शरीर की अण्डों के उत्पादन की क्षमता बंद हो सकती है क्योंकि शरीर को यह पता चलता है की स्वस्थ गर्भावस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त वसा नहीं है.
  4. परिष्कृत उच्च कार्बोहाइड्रेट युक्त आहार जैसे मैदे की ब्रेड, पास्ता, बिस्किट गर्भधारण को प्रभावित कर सकते हैं.ये आहार रक्त शर्करा को तुरंत बढ़ाते हैं. जिससे इन्सुलिन बढ़ जाता है. जिससे प्रजनन क्षमता क्षीण हो सकती है. आजकल लोग इतना ज्‍यादा जंक फूड खाने लग गए हैं कि उन्‍हें सही प्रकार का प्रोषण नहीं मिल पाता है. ऐसे शरीर में उस पोषण की कमी को पूरा करने के लिये वे दवाई की दुकान से सप्‍पलीमेंट लेने लग जाते हैं. जिसका सीधा असर नपुंसकता पर पड़ता है.
  5. मनोरंजक दवाएं जैसे कोकीन और मारिजुआना शुक्राणुओं की संख्या को कम करते हैं.असामान्य शुक्राणुओं को बढ़ाते हैं. जबकि नशा करने वाली महिलाओं को अण्डोत्सर्ग की समस्या का सामना करना पड़ सकता है.
  6. ओमेगा 3 फैटी एसिड स्पर्म की संख्या को तो बढ़ाता ही है.साथ ही यह जीवित भ्रुण के निर्माण में भी सहायक होता है. अब तो कई शोध से पता चला है कि पुरुषों में अगर स्पर्म की संख्या कम हो या उसकी क्वालिटी अच्छी नहीं हो तो ऐसा आमेगा-3 फैटी एसिड की कमी से होता है. ओमेगा 3 जो कि तेलीय मछली जैसे सालमोन और अलसी के बीजों में पाया जाता है. ये गर्भपात के खतरे को कम करता है. शुक्राणुओं की गुणवत्ता में सुधार लाता है. ये आवश्यक वसा हार्मोन्स के स्वस्थ कार्य के लिए महत्वपूर्ण है. परन्तु हम में से अधिकांश लोगों को यह पर्याप्त रूप से नहीं मिलते है. इसलिए आप अलसी का सेवन करे इससे आपको ओमेगा 3 की कमी नहीं होगी.
  7. जो महिलायें या पुरुष संतान प्राप्ति के लिए बार.बार गर्भाधान से वंचित रह जाते है. उनको अपने शरीर पर विशिष्ट बिन्दुओं को उत्तेजित करने के लिए एक्युपंचर का प्रयत्न करना चाहिए.इससे अण्डोत्सर्ग नियंत्रित होता है. गर्भाशय में रक्त परिसंचरण बढ़ता है. जिससे निषेचित अंडे की संभावना बढ़ जाती है. इसके लिए आप एक बार किसी एक्यूपंचर स्पेसलिस्ट से जाने कि वो कौन से बिंदु है. जिसको एक बार समझ कर आप अपने घर पर ही प्रयोग करके लाभ ले सकते है.
  8. एक कप कॉफ़ी भी आपकी गर्भधारण की क्षमता को कम कर सकती है.अब तो विशेषज्ञ भी कहते हैं कि कैफ़ीन फॉलोपियन ट्यूब जो अण्डों को अंडाशय से ले जाती हैं. उसकी मांसपेशियों की गतिविधि को घटा सकती है.
  9. विटामिन E फर्टिलिटी को करीब 10 प्रतिशत तक बढ़ा देता है.कुछ लोगों में स्पर्म की संख्या तो ज्यादा होती है पर फर्टिलिटी कम होती है. विटामिन E इनके लिए भी फायदेमंद होता है. यह स्पर्म की क्वालिटी को बेहतर बनाता है.
  10. लाइकोपेन पौधों में पाया जाने वाला कारोटेनॉइड पिग्मेंट है टमाटर और खरबूजे का लाल रंग इसी के कारण होता है.अगर आपके आहार में लाइकोपेन की कमी होगी तो स्पर्म की क्वालिटी खराब होगी. साथ ही फर्टिलिटी भी प्रभावित होगी.इसलिए आप लाइकोपेन का सप्लीमेंट्स लें.इससे अब तक जो नुकसान हो गया है. उससे उबरने में आपको मदद मिलेगी.
  11. कुछ दवाएं जैसे पैरासिटामाल और आइबूप्रोफेन अण्डोत्सर्ग के चक्र के दौरान लेने से आपकी गर्भधारण की क्षमता प्रभावित हो सकती है.वे प्रास्टाग्लेन्डिस नाम के हार्मोन को दबा सकती हैं जो फॉलोपियन ट्यूब में अण्डों को छोड़ने में सहायक होता है. इसलिए यदि आप संतान की कामना करती है तो पैरासिटामाल और आइबूप्रोफेन का इस्तेमाल करने से बचें.
  12. जो महिलाएं जो घर का काम, बागवानी या अन्य प्रकार के सामान्य व्यायाम करती हैं. उनमें आई वी एफ के द्वारा गर्भधारण की संभावना उन महिलाओं की तुलना में अधिक होती है. जो अधिक समय तक बैठे रहने का काम करती हैं.व्यायाम शरीर को अतिरिक्त मात्रा में इंसुलिन का उत्पादन करने से रोकता है.जो स्वस्थ अंडे के विकास में बाधक होता है.
  13. यदि आप गर्भवती होने का प्रयत्न कर रहे हैंतो यह अच्छा होगा की आप और आपका साथी कम अल्कोहल का सेवन करें. चूँकि अल्कोहल का अत्याधिक सेवन करने से शुक्राणु का उत्पादन और अण्डोत्सर्ग खराब होता है.

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