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कामशक्ति कम होने के कारण तथा बढ़ाने के घरेलू उपाय

यौन संबध बनाने के लिए जितना ध्यान मानसिक तैयारी और कामात्तेजना को देना चाहिए उतना ही ध्यान अपनी कामशक्ति पर भी देना आवश्यक है. कामशक्ति के अभाव मे एक बेहतरीन रोमांटिक माहौल में भरपूर तैयारी के साथ बनाया गया संबंध कारगर साबित नही होता है. आप यौनसुख से वंचित रह जाते है. जिन व्यक्तियों में यौनशक्ति का अभाव होता है. वह सेक्स के दौरान थो़डी देर मे ही खुद को कमजोर महसूस करने लगते है.

इस अभाव के कारण अधिकतर लोगो में शामिदंर्गी का बोध बढ़ जाता है. वह अपने साथी के साथ यौनसंबंध बनाने मे झिझकने लगते है. हाल ही मे वैज्ञानिको द्वारा किए गए अध्ययन के अनुसार यह पाया गया है कि शारीरिक रूप से कमजोर और अस्वस्थ लोगो मे कामशक्ति की कमी होने की संभावना अधिक होती है. आइए इसके अन्य कारणो तथा निवारणो पर विचार करते है.कामशक्ति

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कामशक्ति कम होने के कारण

डिपरेशन

बहुत अधिक तनाव से होने वाले हार्मोनल परिवर्तन, पौष्टिक विकार, यौन-शाक्ति कम करने के मुख्य कारणों मे से एक है.

भारी व जटिल व्यायाम

आवश्यकता से अधिक भारी भरकम व्यायामो का प्रशिक्षण शरीर मे उपस्थित आवश्यक वसा को कम कर देता है. जिसका असर शरीर मे जरूरी मेटाबोलिजम तथा अन्य हार्मोनो पर प़डता है. यौनशक्ति मे कमी आने लगती है. आहार

गर्म तथा अधिक मसालेदार आहर का प्रयोग भी इसका एक कारण है.

शराब सिगरेट तथा तंबाकु का ज्यादा सेवन

शराब सिगरेट तथा तंबाकु के अत्याधिक सेवन से जननांग की कोशिकाए शीथल प़ड जाती है. जो यौनशक्ति कमजोर होने का मुख्य कारण है.

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कामशक्ति बढ़ाने के जबरदस्त घरेलू उपाय

  • एक लौंग को चबाकर उसकी लार को लिंग के पिछले भाग पर लगाने से संभोग करने की शक्ति तेज हो जाती है.
  • लगभग 10-10 ग्राम सफेद प्याज का रस और शहद, 2 अंडे की जर्दी और 25 मिलीलीटर शराब को एक साथ मिलाकर रोजाना शाम के समय लेने से संभोगशक्ति बढ़ जाती है.
  • लगभग 5 बादाम की गिरी, 7 कालीमिर्च और 2 ग्राम पिसी हुई सोंठ तथा जरूरत के अनुसार मिश्री को एक साथ मिलाकर पीस लें और फंकी लें. इसके ऊपर से दूध पी लें. इस क्रिया को कुछ दिनों तक नियमित रूप से करने से संभोगक्रिया के समय जल्दी वीर्य निकलने की समस्या दूर हो जाती है.
  • उड़द की दाल को पानी में पीसकर पिट्ठी बनाकर कढ़ाई में लाल होने तक भून लें. इसके बाद गर्म दूध में इस पिसी हुई दाल को डालकर खीर बना लें. अब इसमें मिश्री मिलाकर किसी कांसे या चांदी की थाली में परोसकर सेवन करने से संभोग करने की शक्ति बढ़ जाती है. इस खीर को लगभग 40 दिनों तक प्रयोग करने से लाभ होता है.

वीर्य को बढ़ाने के घरेलू उपाय

  • इमली के बीजों को पानी में छिलका उतरने तक भिगो लें. इसके बाद इन बीजों का छिलका उतारकर चूर्ण बना लें. इसके लगभग आधा किलो चूर्ण में इतनी ही मात्रा में मिश्री मिलाकर रख लें. इसमें से लगभग 2 ग्राम चूर्ण को लगभग 40 दिनों तक नियमित रूप से फांकने के बाद ऊपर से दूध पीने से वीर्य गाढ़ा होता है और शीघ्रपतन की शिकायत दूर हो जाती है.
  • बरगद के पके हुए फलों को छाया में सुखाकर चूर्ण बना लें और इसमें मिश्री मिलाकर रख लें. इस चूर्ण को 5 ग्राम की मात्रा में रोजाना शाम को दूध के साथ लेने से एक सप्ताह के बाद ही वीर्य गाढ़ा होना शुरू हो जाता है. इस चूर्ण को लगभग 40 दिनों तक सेवन किया जा सकता है.
  • लगभग आधा किलो देशी फूल की कच्ची कलियों को डेढ़ लीटर पानी में डालकर उबाल लें. पानी उबलने के बाद जल जाने पर इस मिश्रण को बारीक पीसकर 5-5 ग्राम की गोलियां बनाकर एक कांच के बर्तन में रखकर ऊपर से ढक्कन लगा दें. इसमें से 1 गोली को रोजाना सुबह के समय दूध के साथ लेने से संभोग करने की शक्ति बढ़ती है और वीर्य भी मजबूत होता है.
  • लगभग 10 ग्राम बिदारीकंद के चूर्ण को गूलर के रस में मिलाकर चाट लें. इसके ऊपर से घी मिला हुआ दूध पीने से जो व्यक्ति संभोग क्रिया में पूरी तरह से सक्षम नहीं होते उनके शरीर में भी यौन शक्ति का संचार होने लगता है.
  • गुलाब के फूल की तुरंत उगी अर्थात नई कोंपलों को सुखाकर और पीसकर बारीक चूर्ण बना लें. इस चूर्ण को रोजाना 6 ग्राम की मात्रा में फांककर ऊपर से मिश्री मिला हुआ दूध पीने से वीर्य पुष्ट होता है. इसके अलावा इसका सेवन करने से पेशाब के साथ वीर्य का आना और स्वप्नदोष जैसे रोग भी दूर हो जाते हैं.
  • चिरौंजी, मुलहठी और दूधिया बिदारीकंद को बराबर मात्रा में एक साथ मिलाकर चूर्ण बना लें. इस चूर्ण को लगभग 1 सप्ताह तक लेने से और ऊपर से दूध पीने से वीर्य के सारे दोष दूर होते हैं और वीर्य बढ़ जाता है.
  • सोंठ, सतावर, गोरखमुंडी, थोड़ी सी हींग और देशी खांड को एक साथ मिलाकर सेवन करने से लिंग मजबूत और सख्त होता है और बुढ़ापे तक ऐसा ही रहता है. इसके अलावा इसको लेने से वीर्य बढ़ता है और शीघ्रपतन जैसे रोग दूर हो जाते हैं. इस चूर्ण का सेवन करते समय गुड़ और खट्टे पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए.
  • सिंघाड़े के आटे का हलुआ, उड़द और चने की दाल का हलुआ, अंडों की जर्दी का गाय के घी में तैयार किया हुआ हलुआ, मेथी और उड़द की दाल के लडडू, आंवले की चटनी, गेहूं, चावल, बराबर मात्रा में जौ और उड़द का आटा और उसमें थोड़ी सी पीपल को डालकर तैयार की गई पूडि़यां और नारियल की खीर आदि का सेवन करने से हर तरह के धातु रोग नष्ट हो जाते हैं, वीर्य पुष्ट होता है और संभोग करने की शक्ति बढ़ती है.

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